Vivaha Vrindavana · Chapter 6
Chandra Bala (Moon Strength)
10
Verses
0
Translated
All 10 verses
1
कन्यादान के लिये वर पात्रमात्र है! इस अभिप्राय से कितने आचार्य वर का चन्द्रबल नहीं देते हैं। परञ्च इ…
2
यदि ऐसा ही है कि — 'प्रतिग्राही होने से पात्र मात्र समझ कर वर का चन्द्रबल नहीं देखा जाय' — तो फिर — …
3
विवाहकालिक लग्नगत नवांश यदि अपने स्वामी से युक्त-दृष्ट न हो तो वर का नाशकारक होता है। तथा चन्द्रमा औ…
4
चन्द्रमा के क्षीण रहने पर मंगलादि ग्रहों के उत्तम स्थान में होने से भी पुरुष का भविष्यफल नाशवान् होत…
6
धर्म-अर्थ-काम तीनों के मालिक भी पुरुष चन्द्रबल नहीं पाता है, और कन्या (जिसका दान किया जाता है वही) य…
7
यदि ऐसा कहो कि — चन्द्रमा स्त्री-ग्रह है इसलिये स्त्री के अनुकूल ही बल देता है? — तो फिर जन्म समय मे…
8
जातक शास्त्र ने भी पुरुषों के फल में सुनफा-अनफा आदि योगों में चन्द्रमा को ग्रहण किया है। अर्थात् चन्…
9
पति के विदेश जाने पर अथवा रुग्ण होने पर तोलिलि मुनि स्त्री को कार्यकारिणी कहे हैं। अस्तु ऐसा हो सकता…
10
कृष्णपक्ष में चन्द्रमा में केवल क्रूरता होती है। अमावस्या में सूर्य के साथ अस्त होने पर वह सर्वथा नष…
11
दुर्बल भी अपना पति समीप में रहता है तो स्त्री उसके इच्छानुसार ही कार्य करती है। इसी प्रकार तारा भी च…