Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
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Hindi
जातक शास्त्र ने भी पुरुषों के फल में सुनफा-अनफा आदि योगों में चन्द्रमा को ग्रहण किया है। अर्थात् चन्द्रमा से ही योगफल कहा है। तथा अत्रिमुनि कृष्णपक्ष में भी चन्द्रबल (शुभस्थानस्थित) रहने पर ही तारा को बलवती कहे हैं। अतः वर का भी चन्द्रबल ग्रहण करना चाहिये।
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