HomeLibraryVivaha VrindavanaCh.15 · Vadhu Vara Prashna Prakarana (Chapter on Horary Questions about Bride and Groom)
Vivaha Vrindavana · Chapter 15

Vadhu Vara Prashna Prakarana (Chapter on Horary Questions about Bride and Groom)

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वरकन्यालाभार्थ प्रश्नलग्न से १०, ११, ५, ३, ७ इन स्थानों में चन्द्रमा हो और बृहस्पति से दृष्ट हो तो व
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शुक्र और चन्द्रमा समराशि में स्थित कन्या नवांश में होकर लग्न को देखते हों तो कन्यालाभ के सूचक होते ह
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जिस प्रकार चन्द्र शुक्र और समराशिनवांश से वर को कन्यालाभ कहा गया है उसी प्रकार--पुरुषग्रह विषमराशि म
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प्रश्नलग्न से चन्द्रमा ६ या ८ स्थान में हो, वा चन्द्रमा लग्न में और मंगल सप्तम में हो, अथवा लग्न और
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प्रश्नलग्न से सप्तमस्थ चन्द्रमा और शुक्र स्त्री को विधवा, शनि और मंगल दुराचारिणी तथा गुरु और बुध धनव
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विवाह के अंगभूत समस्त कार्यों में नक्षत्र, तिथि और वार का फल पद पदपर दूसरे आचार्यों ने कहा है, उस प्
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जैसे नदी के किनारे पर लटकता हुआ तृणों का गुच्छा चालन नहीं सह सकता है, उसी प्रकार विवाह के फल समूह भी