Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi
शुक्र और चन्द्रमा समराशि में स्थित कन्या नवांश में होकर लग्न को देखते हों तो कन्यालाभ के सूचक होते हैं। अथवा शुक्र चन्द्रमा यदि लग्नगत समराशिके नवांश को देखते हों तो भी कन्यालाभसूचक होते हैं। दूसरे ग्रह भी प्रकाशमान बिम्ब और बल से युक्त होकर लग्नगत समराशि के नवांश को देखते हों तो भी कन्याप्राप्ति सूचक होते हैं। अर्थात् इन योगों में वर के लिये कन्या का लाभ होता है ॥ २ ॥
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.