Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi
पापग्रह से ६ राशि अन्तर पर जो नक्षत्र हो वह अनिष्ट है। इस प्रकार कितने आचार्यों की विशेषोक्ति है। परन्तु वह तो पापग्रह से ५४वाँ नवांश पर स्थित चन्द्रमा के जामित्र ही होता है। अर्थात् ६ राशि पर पापग्रह पड़ता है तो चन्द्रजामित्र होता है, तथा ६ राशि में ५४ नवांश होते हैं इसलिये उक्त विशेषोक्ति चन्द्रजामित्र में ही आ गया।
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.