It is the lord of the 9th house that gives all about the native's past birth, while all information about his future birth is revealed by the planet owning the 5th. The particular caste, the country and the quarter or direction of the individual in his past and future births should be guessed from the two respective planets referred to above.
आगे के जन्म का विचार बारहवें घर से बताया गया है। अब पूर्व जन्म का विचार किस भाव से करना चाहिये यह बताते हैं। पूर्व जन्म का विचार नवें घर से करे। इसी प्रकार, मृत्यु के बाद क्या अवस्था होती है — यह तो ऊपर बता चुके हैं किन्तु जिस-जिस लोक में मरने के बाद जीव जाता है — उस-उस लोक में कुछ समय के बाद 'क्षीणे पुण्ये मर्त्य लोकं विशन्ति' — गीता के इस कथन के अनुसार रहकर पुनः पृथ्वी पर जन्म कहाँ होगा — कैसी अवस्था में होगा इत्यादि का विचार पाँचवें घर से करना चाहिये। जाति, देश आदि का विचार, किस दिशा में पूर्व जन्म या किस दिशा में भविष्य जन्म होगा — इन सब बातों का विचार नवम से, नवमाधीश से, नवम में बैठे हुए ग्रह या ग्रहों से (पूर्व जन्म के विषय में), तथा पंचम से, पंचमाधीश से, पंचम में बैठे हुए ग्रह या ग्रहों से (पुनर्जन्म के विषय में) करना चाहिये।
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