If the lord of the 12th house occupy his exaltation, a friendly house or a Varga of a benefic planet, or be associated with a benefic planet, the (life of the) person concerned will be going upwards to heaven. If it be otherwise, he will be going to perdition or hell. Some interpret this as a result of the nature of the Rasi (of the 12th house); i.e., heaven if a Sirshodaya one and hell if a Prishtodaya one.
जन्म के पहले, मृत्यु के बाद की स्थिति। (क) (१) यदि बारहवें घर का मालिक अपनी उच्च राशि, मित्र की राशि में बैठा हो और सौम्य वर्ग (होरा, द्रेष्काण, सप्तमांश, नवांश, द्वादशांश, त्रिंशांश आदि) में हो या सौम्य ग्रह के साथ बैठा हो तो उसकी (मरण के बाद) ऊर्ध्वगति (ऊपर की ओर गति अर्थात् स्वर्ग की ओर) होती है। किन्तु यदि बारहवें घर का मालिक अपनी नीच राशि, शत्रु की राशि या क्रूर वर्गों में बैठा हो और क्रूर ग्रह के साथ बैठा हो तो अधोगति (नीचे की ओर अर्थात् नरक की ओर गति) होती है। (२) कुछ का विचार है कि बारहवें घर में ऊर्ध्वास्य राशि हो, बारहवें घर का मालिक ऊर्ध्वास्य राशि में हो तो ऊर्ध्वगति, अन्यथा अधोगति होती है। (३) कुछ अन्य का मत है कि शीर्षोदय राशि ऊर्ध्वगति कारक हैं, पृष्ठोदय राशि अधोगति कारक है। शीर्षोदय राशियाँ मिथुन, कन्या, तुला, वृश्चिक और कुम्भ हैं। पृष्ठोदय मेष, वृष, कर्क, धनु और मकर हैं। मीन उभयोदय है।
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