Sanskrit · DevanāgarīPhaladeepika manuscript tradition
रवियुक्ते पितृहन्ता मातृक्लेशी निशापसंयुक्ते ।
भ्रातृवियोगः सकुजे बुधयुक्ते मन्दजे च सोन्मादी
IAST Transliteration
raviyukte pitṛhantā mātṛkleśī niśāpasaṃyukte |
bhrātṛviyogaḥ sakuje budhayukte mandaje ca sonmādī
TranslationsTwo-source verified
Hindi
अब जन्म-कुण्डली में गुलिक के अन्य ग्रहों के साथ बैठने का फल बताते हैं — गुलिक जिस ग्रह के साथ बैठता है, प्रायः उस ग्रह को दूषित करता है। सूर्य पिता का कारक है — इसलिये यदि गुलिक सूर्य के साथ बैठे तो जातक के पिता को मार दे (पिता अल्पायु हो)। चन्द्रमा मातृ-कारक है — यदि गुलिक चन्द्रमा के साथ बैठे तो जातक की माता को कष्ट करे। मंगल भ्रातृ-कारक है — मंगल के साथ गुलिक बैठे तो भाई से वियोग करावे। बुध बुद्धि-कारक है — बुध और गुलिक एक साथ बैठे तो जातक को उन्माद (पागलपन) का रोग हो जाता है।
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