He who is born in a Pamara Yoga will have a miserable living and will be indiscriminate. He will be a liar and a cheat. He will lose children or will have no issue at all. He will resort to low and wicked people. He will be an atheist and a glutton.
यदि पञ्चमेश या पञ्चम स्थान अशुभ ग्रह से युत-वीक्षित हो और पञ्चमेश दुःस्थान में पड़ा हो तो पामर योग होता है। ऐसा मनुष्य दुःख से जीवन व्यतीत करता है। ऐसा व्यक्ति असत्य बोलने वाला, अविवेकी तथा वञ्चक (दूसरे को ठगने वाला) होता है। ऐसे जातक को सन्तान-सुख नहीं होता — या तो सन्तान होवे ही नहीं या होकर मर जावे। यदि सन्तान चिरजीवी हो तो भी उनसे सुख प्राप्त न हो। पिता के प्रति कर्त्तव्य पालन न करने वाली बल्कि पिता को सन्ताप देने वाली पितृद्वेषी सन्तान होती है। ऐसा व्यक्ति नास्तिक होता है और छोटे तथा दुष्ट आदमियों की सोहबत करता है। ऐसे व्यक्ति बहुत अधिक भोजन करते हैं अर्थात् पेटू होते हैं।
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