The person born in the Chhatra Yoga will be blessed with a happy family life and children. He will be the abode of wealth, renowned, of good speech and learned. He will become a minister to a King. He will be keen-witted and respected by others.
यदि पञ्चम भाव में शुभ ग्रह हों या इसे देखते हों और पाँचवें घर का मालिक अस्त न हो और अपनी राशि का या अपनी उच्चराशि में स्थित होकर उत्तम स्थान में बैठा हो तो छत्र योग होता है। ऐसा जातक संसार के सब सौभाग्यों से युक्त, सन्तान-सुख वाला, धनी, यशस्वी, बुद्धिमान, उत्तम भाषण करने वाला, तीक्ष्ण बुद्धि, जिसको बहुत स्फूर्ति हो (जिसके विचार में उत्तम बुद्धि की नवीन बातें जागृत हों), राजा का मन्त्री होता है। ऐसे व्यक्ति को राजा या सरकार से सम्मान प्राप्त होता है। संक्षेप में पञ्चम भाव और पञ्चम भावेश के सुधर जाने से पञ्चम भाव सम्बन्धी सब सुख प्राप्त होता है।
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