Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi
पापग्रह लग्न में होतो रोग, आठवें स्थान में हो तो मृत्यु, पाँचवें स्थान में हो तो पुत्र-क्लेश, दूसरे या बारहवें स्थान में हो तो निर्धनता दशरवें स्थान में हो तो निरुद्योग, सातवें या चौथे स्थान में हो तो राज्यच्युत और पूर्ण चन्द्रमा यदि लग्न से छठे, आठवें, बारहवें स्थान में स्थित हो तो राजा का मरण होता है। किन्तु यदि शुभग्रह केन्द्र में स्थित हो तो सब शुभ हो जाता है ।। ३ ॥।
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.