Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 10 · · Verse 4
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

जिस राजा के अभिषेककाल में बृहस्पति लग्न में या नवें, पाँचवें स्थान में, मंगल लग्न से छठे और शुक्र दशवें स्थान में स्थित हो वह राजा सदा राजलक्ष्मीयुक्त होकर आनन्द करता है। शनइचर लग्न से तीसरे, सूर्य गेरहवें और बृहस्पति चौथे या दशरव्वें स्थान में स्थित हो तो उस राजा का राज्य सदा स्थिर रहता है ॥| ४ ॥।

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