Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi
मंगल और दनेशचर को छोड़ अन्य दिनों में; तीनों उत्तरा, रोहिणी, मृगशिरा, रेवती, चित्रा, अनुराधा, हस्त, अश्विनी, पुष्य, श्रवण, मूल, पुनर्वसु, ज्येष्ठा, स्वाती वा धनिष्ठा नक्षत्र में; मिथुन, मकर, कन्या, कुम्भ, वृष, मीन लग्न में; चौथे, सातवें, दशवें, पाँचवें, नवें स्थान में और लग्न में शुभ ग्रहों केरहते; छठे, गेरह॒वें और तीसरे स्थान में पापग्रहों के रहते; जन्म से अढ़ाई महोने पर अथवा अन्नप्राशनमुहर्त में बालक का ताम्बूलभक्षण शुभ होता है ॥| २३ ॥
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