Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 3 · · Verse 6
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

आधी रात्रि में होनेवाली संक्रान्ति का पुण्यकाल पूर्ण निशीथे यदि संक्रमः स्यादिनद्वय॑ पुण्यमथोदयास्तात्‌ । पृ परस्ताह्यदि थाम्यसौम्यायने दिने पवपरे तु पुण्ये ॥ ६4 अन्वयः--यदि पूर्ण निशी्थे संक्रमः स्थात्‌ (तदा) दिनद्वयं पुण्यं, अथ उदयास्तात्‌ पूर्व परस्तातू यदि याम्यसौम्यायने (संक्रान्ती भवतः:) (तदा) तु परे धूबंदिने पुण्ये (स्याताम्‌ ) ॥ ६ ॥ यदि ठीक आधी रात्रि में संक्रान्ति हो तो पूर्व और पर दोनों दिन पुण्यकाल होता है। यदि सूर्योदय से . पूर्व कके संक्रान्ति हो तो पूर्व ही दिन सम्पूर्ण पुण्यकाल और सूर्यास्त के बाद मकर संतक्रान्ति हो तो पर ही दिन सम्पूर्ण पुण्यकाल होता है ॥ ६ ॥।

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