Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 3 · · Verse 19
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

सूर्य केबली रहते अथवा रविवार को राजा का दशशन, चन्द्रमा के बली रहते अथवा सोमवार को सब कार्य, मज्भल के बली रहते अथवा मज्भल के दिन युद्ध, बुध के बली रहते अथवा बुधवार को शास्त्र पढ़ना, बृहस्पति के बली रहते अथवा बृहस्पति के दिन विवाह करना, शुक्र के बली रहते अथवा शुक्र के दिन यात्रा करना और डनेश्चर के बली रहते अथवा शनरचर के दिन यज्ञादि की दीक्षा लेना चाहिए। यदि चन्द्रमा की संक्रान्ति केकाल में तारा बली हो तो अशुभ भी चन्द्रमा सवा दो दिन तक शुभदायक होता है । सूर्य की संक्रान्ति केसमय यदि चन्द्रमा बली हो तो अशुभ भी सूर्य एक महीने तक शुभ होता है। मंगल की संक्रान्ति के काल में यदि सूर्य बली हो तो अशुभ भी मंगल डेढ़ महीने तक शुभ होता है । ऐसे ही बुधादि को भी जानना चाहिए ॥| १९॥

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