Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi
शुक्र, मंगल, शनैशचर दिन में; अमावस, चतुर्दशी, त्रयोदशी, परीवा, छठि, एकादशी तिथि में; मूल, ज्येष्ठा, आर्द्री, आइ्लेषा, तीनों पूर्वा, भरणी, मघा, रेवती, शतभिष नक्षत्र में; त्रिपुष्कर योग, क्षयमास, मलमास, जिसे मरे हुए एक वर्ष से अधिक हो गया हो उसका दक्षिणायन, व्यतीपात योग, परिघ योग, बृहस्पति और शुक्र का अस्त, वैधृति योग, भद्रा और शुक्लपक्ष में शवप्रतिकृतिदाह न करे ।। ५० ।
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.