Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
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Hindi
अन्वयः-सुरेज्यमित्रभाग्येषु, च (तथा) अष्टम्यां, हरो, तेतिले, शुक्रदृष्टे तनौ, सौम्यवारे सन्धानं इष्यते ।। ४२ ।। पुष्य, अनुराधा, पूर्वाफाल्गुनी, अष्टमी, द्वादशी, सोमवार, बुध, बृहस्पति, शुक्रवार, शुक्र से दृष्ट वा युत लग्न और तेतिलनाम करण में सन्धि और मित्रता करना शुभ होता है ॥ ४२ ।।
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