Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 2 · · Verse 35
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

सूर्य जिस नक्षत्र में स्थित हो उससे तीन-तीन नक्षत्रों काएक त्रिक, ऐसे सत्ताइस नक्षत्रों केनव त्रिक होंगे । उनमें पहिला सूर्य का, दूसरा बुध का, तीसरा शुक्र का, चौथा शनेश्चर का, पाँचवाँ चन्द्रमा. का, छठा मंज्भल का, सातवाँ बृहस्पति का, आठवाँ राहु का, नवाँ केतु का त्रिक होता है। होम के दिन का नक्षत्र जिसके त्रिक में पड़े उसी ग्रह के मुख में होमाहुति भ्पड़ती है । खलग्रह के मुख में होमाहुति शुभ नहीं होती ॥| ३५॥।

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