Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 2 · · Verse 18
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

अश्विनी, पुष्य, हस्त, रेवती, धनिष्ठा, मृगशिरा, स्वाती, शतभिष, पुनवंसु, इन नक्षत्रों में; चौथि, नवमी, चतुर्दशी को छोड़ अन्य तिथियों में; मज्भल को छोड़ अन्य दिनों में धोड़ों का कृत्य अर्थात्‌ बेंचना, मोल लेना, चढ़ना इत्यादि शुभ है। चित्रा, अनुराधा, मृगशिरा, रेवती, अश्विनी, पुष्य, हस्त, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिष, पुनवंसु, स्वाती, इन नक्षत्रों मेंहाथियों का काये अर्थात्‌ बेंचना, मोल लेना, चढ़ना इत्यादि शुभ है || १८॥।

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