Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi
मघा नक्षत्र के प्रथम चरण से लेकर पूर्वाफाल्गुनी के प्रथमचरणपयेनन््त पाँच चरणों में बृहस्पति सब देशों में निन्दित है। शेष चरणों में अर्थात् पूर्वाफाल्गुनी के दूसरे चरण से लेकर उत्तराफाल्गुनी के प्रथमचरणपर्यन्त चार चरणों में गड्ा और गोदावरी के मध्य में बसे हुए देशों को छोड़कर अन्य देशों में दोषकारक नहीं है।
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.