Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi
देशभेद से होलाष्टक का निषेध विपाशेरावतीतीरे शतद्गवाइच त्रिपुष्करे । विवाहादिशभ नेष्टं होलिकाप्राग्दिनाष्टकम् ।। ४० ॥ अन्वयः--विपाशे रावतीती रे, शतद्रवाः (तीरे) त्रिपुष्कर े (देशे) विवाहादिशुभ होलिकाप्रागूदिनाष्टक नेष्टम्ू ।। ४० ॥। बिपाशा, इरावती और शझतद्गु नदी के तट पर बसे हुए देशों में और त्रिपुष्कर देश में विवाह आदि शुभ कार्यों मेंहोलिका दहन से पूर्व आठ दिन निषिद्ध हैं, अन्य देशों में नहीं ।| ४० ॥
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.