Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 1 · · Verse 34
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

॥। अन्वयः--जन्मक्षेमासतिथय:. (वर्ज्या:), . व्यतिपातभद्रावधुत्यमापितृदिनानि (वर्ज्यानि), तिथिक्षयर्धी (वर्ज्ये), न्यूनाधिमासकुलिकप्रहराधेपाताः (वर्ज्यो:) जन्मनक्षत्र, जन्ममांस, जन्मतिथि, व्यतीपातयोग, भद्रा, वैधृतियोग, अमावास्या, माता-पिता के मरने की तिथि, क्षयतिथि, वृद्धितिथि, क्षयमास, अधिमास, कुलिक, अद्धंयाम और महापात योग सम्पूर्ण शुभ कार्यों में त्याज्य हैं।

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse