Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi
हणवद्भूखशेष्वेव अन्वयः--तिथिवारोत्था:, तिथिभोत्थाट, भवारजाः, तथा त्रवितयजा:, कुयोगाः हणवंगखशेष्. (देशेष ) एव बर्ज्या: ॥| ३१ ॥। तिथि-बार के योग से, तिथि-नक्षत्र के योग से, नक्षत्र-वार के योग से और तिथि-वार-नक्षत्र इन तीनों केयोग से जितने कुंयोंग कहे हैं वेसब हण देश, वंग देश और खश देश में ही वर्जनीय हैं, अन्य देशों में नहीं | ३१॥।
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