Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 1 · · Verse 21
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

अन्वयः--अष्टम्या बुधानु्राधां, दशम्यां भग्रेव्ती, नवम्यां गुरुपुष्यं, एकादश्यां शनिरोहिणीं च संबकार्येष्‌ वर्जयेत्‌ | २०-२१ || अष्टमी में अनुराधा नक्षत्र और बुधवार, दश्मी में रेबती नक्षत्र और शुक्रवार, नवमी में पुष्य नक्षत्र और बृहस्पतिवार, एकादशी में रोहिणी नक्षत्र और शनिवार हो तो शुभ कर्मों में त्याग देना चाहिए | २०-२१ ॥।

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse