Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
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Hindi
अन्वयः--गृहप्रवेशे, यात्रायां, च (पुनः) विवाहे, यथाक्रम॑ भौमेउश्विनीं, ब्राह्मं, ग्रो पुष्यं, विवर्जयेत् ।। २२ ।। गृहप्रवेश, यात्रा और विवाह में क्रम से मज्गल के दिन अश्विनी, शनैदचर के दिन रोहिणी और बृहस्पति के दिन पुष्य नक्षत्र वर्जित है। अर्थात् मज्भल के दिन अश्विरी नक्षत्र हो तो गृहप्रवेश, शनेइ्चर के दिन रोहिणी नक्षत्र हो तो यात्रा और बृहस्पति के दिन पुष्य नक्षत्र हो तो विवाह न करना चाहिए ॥| २२ ॥।
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