Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
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Hindi
दभ कर्मों में निषिद्ध योग वर्जयेत्सवंकायंघष हस्ताक॑ पत्चमीतिथों। भौमाश्विनीं च सप्तम्यां षष्ठद्यां चन्द्रन्दवं तथा ॥ २०१ अन्वयः--पञचमी तिथौ हस्तारक॑, सप्तम्यां भौमाश्विनीं, षष्ठ्यां चन्द्रेन्द्, पज्च्रमी तिथि में हस्त नक्षत्र और रविवार, सप्तमी में अश्वनी नक्षत्र और मज्जलवार, छठि में मृगशिरा नक्षत्र और सोमवार —ये शुभ कर्मों में त्याग देना चाहिए ।
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