Vivāha Vṛndāvana
Chapter 8 · Shadvarga (The Six-Fold Divisional Chart System) · Verse 16
Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi

३३ को दो स्थान में रखकर ६० से गुना करके पृथक् पृथक् चन्द्रमा और सूर्य के गत्यन्तर, चन्द्रमा की गति और चन्द्र-सूर्य की गति के योग से भाग देने से क्रम से तिथिसन्धि, नक्षत्रसन्धि, और योगसन्धि घटी होती है। इसी प्रकार ३३ को ६० से गुनाकर चन्द्रगति से भाग देकर लब्ध चन्द्र-संक्रान्ति घटी और सूर्यगति से भाग देकर लब्ध सूर्यसंक्रान्ति घटी होती है, इनमें चन्द्रमा की सन्धिघटी सामान्य पुण्यप्रद और सूर्यसंक्रान्ति की सन्धिघटी अतिशय पुण्यप्रद होती है ॥ १६ ॥

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse