Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi
राशिवृत्त में रहने के कारण सूर्य के समान ही राहु भी भाव और गोचर फल देता है जो संहिता में प्रसिद्ध है। तथा कौन से जातक शाखकारों ने अरिष्ट के भंग और उत्पत्ति कारक राहु को नहीं कहा है? अर्थात् सब जातककारों ने कहा है। अतः राहु की सत्ता सर्वथा सिद्ध होती है ॥ ६ ॥
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.