Vivāha Vṛndāvana
Chapter 7 · Rahu Satta (The Authority of Rahu) · Verse 10
Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi

और भी यह है कि — जिस भूमध्य को केन्द्र मानकर गोल गणित किये गये हैं, वहाँ स्थित होकर पातमार्ग में ही स्पष्ट चन्द्रमा देख पड़ता है, जिसमें उच्च हेतु नहीं होता है। अर्थात् जिस वृत्त में स्पष्ट चन्द्रमा रहता है उसी में उसका पात भी रहता है। उच्च दूसरे वृत्त में रहता है। अतः चन्द्रपात में ही महत्त्व उचित है, उच्च में नहीं ॥ १० ॥

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