Vivāha Vṛndāvana
Chapter 3 · Melaka Prakarana (Compatibility/Matching) · Verse 9
Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi

रोहिणी, पूर्वफाल्गुनी, उत्तरफाल्गुनी, पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा, आर्द्रा, भरणी ये ९ नक्षत्र मनुष्यगण, श्रवण, स्वाती, अनुराधा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, रेवती, अश्विनी, मृगशिरा ये ९ नक्षत्र देवगण, और शेष — कृत्तिका, आश्लेषा, मघा, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, धनिष्ठा, शतभिषा ये ९ नक्षत्र दैत्यगण हैं। दैत्य-मनुष्यगणों में मरण, दैव और दैत्य के साथ विवाह में स्वाभाविक शत्रुता होती है। अर्थात् अपने अपने गण में और देव-मनुष्य में मैत्री होती है।

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