Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi
अश्व १, गज २, छाग ३, सर्प ४, सर्प ५, श्वान ६, मार्जार ७, मूस ८, मार्जार ९, सूस १०, मूस ११, गो १२, मेष १३, बाघ १४, भैंस १५, बाघ १६, हरिण १७, हरिण १८, श्वान १९, वानर २०, नकुल २१, नकुल २२, वानर २३, सिंह २४, अश्व २५, सिंह २६, छाग २७ और गज २८ ये अश्विनी आदि २८ नक्षत्रों के क्रम से योनि हैं। इनमें परस्पर शत्रुता वाली योनि वर कन्या और राजा मन्त्री की हो तो अशुभ समझना।
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