Vivāha Vṛndāvana
Chapter 3 · Melaka Prakarana (Compatibility/Matching) · Verse 6
Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi

आर्द्रा, पुनर्वसु, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, ज्येष्ठामूल, शतभिषा, पूर्वभाद्रपदा और अश्विनी यह प्रथम नवक, तथा उत्तराषाढ, श्रवण, कृत्तिका, रोहिणी, स्वाती, विशाखा, आश्लेषा, मघा और रेवती ये द्वितीयनवक, तथा शेष नक्षत्र (भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वफाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, पूर्वाषाढ, धनिष्ठा और उत्तरभाद्रपद) यह तृतीयनवक — इस प्रकार २७ नक्षत्रों में तीन नवक हैं; किसी एक नवक में वर कन्या दोनों के जन्मनक्षत्र पड़े तो मरणप्रद नाडीदोष होता है।

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse