Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi
कुम्भ और सिंह में राशि मैत्री होने के कारण उनके स्वामियों (शनि, सूर्य) में शत्रुता रहने पर भी विवाह शुभ कहा गया है। तथा — सिंह और मीन में राशि मैत्री नहीं होने पर भी उनके स्वामियों (सूर्य-गुरु) में मैत्री होने के कारण विवाह में सिंह और मीन स्वीकृत है। अर्थात् राशिमैत्री स्वामिमैत्री दोनों में एक भी हो तो विवाह शुभ है, यदि दोनों हो तो बात ही क्या है।
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