Vivāha Vṛndāvana
Chapter 3 · Melaka Prakarana (Compatibility/Matching) · Verse 1
Sanskrit · DevanāgarīVivāha Vṛndāvana manuscript tradition
Translations
Hindi

वर कन्या, वा सेव्य सेवक की जन्मराशियों में परस्पर द्वितीय-द्वादश, पञ्चम-नवम, षष्ठ-अष्टम में मैत्रीविधान (मेल) नहीं कहा गया है। उसकी युक्ति श्लोक के पूर्वार्ध में कहते हैं कि — व्यय (खर्च होने पर) धन नहीं रहता है, और तपस्या में (तपश्चर्या के नियम में रहने पर) अपत्य (सन्तान) नहीं हो सकता, तथा शत्रुता के बीच आयु (जीवन) नहीं रहता है। इसलिये व्यय (द्वादश) के साथ धन (द्वितीय राशि) का और तप (नवम) के साथ अपत्य (पञ्चम राशि) का, एवं द्विषत् (षष्ठ) के साथ आयु (अष्टम राशि) का मेल शुभ नहीं है।

Have a question about this verse?

Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.

Ask about this verse