HomeLibraryVivaha VrindavanaCh.10 · Masa Gochara (Solar and Lunar Month Considerations for Marriage)
Vivaha Vrindavana · Chapter 10

Masa Gochara (Solar and Lunar Month Considerations for Marriage)

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1
चैत्रमास प्रतिपदा रविवार में सूर्यादि समस्त ग्रहों के मेषादि में स्थित होने पर भूलोक, भुवर्लोक, स्वल
2
स्त्रियों के पाणिग्रहण में मकरस्थित सूर्य में भी पौष मास नेष्ट है, अगर कोई प्रवीण उसे (मकरस्थ सूर्य
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यदि फाल्गुन मास में मीनगत रवि हो तो निन्द्य नहीं है। और वैशाख में मेषगत सूर्य हो तो निन्द्य नहीं है।
4
विवाह में बहुधा सौरमान ही इष्ट है, तो पृथक् फल से एथक चान्द्रमास शोनकादिकों ने क्यों कहा ? इसलिये कि
5
गोचर विधि से स्त्रियों के गुरुबल और सूर्यबल प्राप्त होने पर विवाह शुभ है। यदि गोचर विधि से गुरुबल और
6
जातकशास्त्र में अष्टवर्ग से ही फल कहा गया है, इसलिये विवाह में भी इस (अष्टवर्ग फल) की मुख्यता क्यों
7
जातकशास्त्र में अष्टम स्थान पापग्रह अशुभप्रद, और सप्तम शुभग्रह शुभप्रद है। परञ्च यह विवाह की रीति नह