If Venus, Moon, Sun and Mars are together in the 9th, one will be cunning, will be happy with his wife and will indulge in many mean acts.
। यदि जन्म के समय लग्न में शुक्रशनि हों तो जातक--समस्त स्त्रियों के साथ रमण करने वाला, सुन्दर देहधारी, सुख-घन-भोग से युक्त, अधिक नोकर बाला व शोक से पीड़ित होता है । यदि चतुर्थ भाव में शुक्र शनि हों तो जातक--मित्ों से घन प्रात्तकर्ता, बन्धुओ से अच्छा व्यवहारी तथा राजा से श्रेष्ठता प्राप्त करने वाला होता है । र यदि सप्तम भाव में शुक्र शनि हों तो जातक- स्त्री रत्न-सुख-धन-कोति समस्त ऐश्वर्य को प्राप्त करने वाला तथा विषय प्राप्तकर्ता होता हे । यदि दशम भाव में शुक्र शनि हों तो जातक--समस्त॑ झंझटों से रहित, संसार में प्रसिद्ध, बिशेष कार्य कर्त्ता तथा राजा का बड़ा सचिव होता है । इस प्रकार मैंने केन्द्रस्थ दो-दो ग्रहों का फल कहा है, तीन, चार, पाँच, छः ग्रहों का केन्द्रस्थ ग्रहयोग फल बुद्धि से विचार कर कहना चाहिये
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