Sanskrit · DevanāgarīSārāvalī manuscript tradition
गीतप्नय बहुवित्तं ।
भाग्य राशिस्थ सूर्य चन्द्र भौम युति का फल
सत्रणगात्रं रूक्षं मृतपितरं मातृवजितं कुयु:।
बाल्ये क्षुद्रं द्वेष्यं हिसत शशिरुधिरभानवो भाग्ये
Translations
English
EFFECTS OF 3 PLANETS IN CONJ UNCTION IN 9* If the Sun, Moon and Mars are together in the 9th, one will lose his parents in his very boyhood, be base, odious and hurtful.
Hindi
यदि जन्म के समय भौम गरु लग्न में हों तो जातक-सचिव, प्रधान, गुणी, धार्मिक कार्यो में की प्राप्तकर्ता तथा प्रतिदिन उत्साही होता यदि चतुथं भाव में भौम-गुरु हों तो जातकत्रन्धु व मित्रों से युक्त, स्थिर चित्त (वा वित्त-धन) वाला, सुखभोगी, राजा का सेवनकर्ता व देवता एवं गुरुओ का भक्त होता है । यदि सप्तम भाव में भौम-गुरु हों तो जातक पर्वत-किला-जल-वन में घूमने वाला, अच्छे बान्धवों से युत, वीर तथा स्त्री रहित होता हैं। यदि दशम भाव में भौम गुरु हों तो जातक राजा, अधिक कीर्तिमान्, अधिक धन व परिवार से युत तथा चतुर होता है
Have a question about this verse?
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.