Note the Rasi occupied by Mandi at a birth and note also where the lord of that Rasi is posited. The Lagna at birth will be a position triangular to that of the aforesaid lord or one triangular to the Navamsa occupied by the owner of the sign representing the Navamsa occupied by Mandi. It may be triangular to the Navamsa Rasi occupied by Gulika. When the Moon is strong, the Lagna should be deduced similarly through the Moon alone instead of through Mandi.
यह देखिये कि किस राशि में मान्दि है और मान्दि राशि (जिस राशि में मान्दि है) का स्वामी कहाँ है। जातक का जन्म लग्न इन दोनों राशियों से त्रिकोण में (नवम या पञ्चम) होगा, अथवा मान्दि जिस नवांश में है उससे नवम-पञ्चम, या मान्दि राशि नवांश का जो स्वामी है वह जिस नवांश में बैठा है उससे नवम या पञ्चम जन्म लग्न होगा। अथवा गुलिक जिस नवांश में है उससे पञ्चम या नवम। नवीन ज्योतिषियों के हितार्थ पुनः समझाया जाता है — (१) मान्दि राशि, (२) मान्दि राशि पति, (३) मान्दि नवांश स्वामी का नवांशपति, (४) गुलिक नवांश। ऊपर जो चार स्थान बताये गये हैं उनसे नवम या पञ्चम जन्म लग्न होगा। जिस प्रकार ऊपर मान्दि को आधार मानकर लग्न निश्चय करना बताया गया है उसी प्रकार यदि चन्द्रमा बलवान् हो तो चन्द्रमा को आधार मानकर लग्न निश्चय करना चाहिये। (टिप्पणी — यद्यपि गुलिक और मान्दि एक ही वस्तु हैं, किन्तु बहुत-से लोग भ्रमवश इनको भिन्न-भिन्न मानते हैं।)
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