After thus multiplying and then adding the two products, the total should be again multiplied by 7 and divided by 27. The quotient obtained will be the Ayus in years contributed by that planet.
राशि-गुणन एवं ग्रह-गुणन के जोड़ को ७ से गुणा करके २७ से भाग दीजिये; जो लब्धि होगी वह वर्ष होंगे। शेष को १२ से गुणा कर २७ से भाग देने पर लब्धि वह मास होंगे; शेष को ३० से गुणा कर २७ से भाग देने से दिन; इसी प्रकार ६० से गुणा कर २७ से भाग देने से घटी निकलेगी। २७ वर्ष का एक मण्डल होता है — यदि २७ वर्ष से अधिक वर्ष आवें तो २७ कम करके उतने वर्ष ग्रह की दशा समझनी चाहिये। उदाहरण-कुण्डली के अष्टकवर्ग-दशा: (१) सूर्य पिण्ड २०९ × ७ ÷ २७ = ५४ वर्ष २ मास ७ दिन; २७ कम करके = २७ वर्ष २ मास ७ दिन सूर्य की दशा। (२) चन्द्र पिण्ड ११० × ७ ÷ २७ = २८ वर्ष ६ मास ७ दिन; २७ कम = १ वर्ष ६ मास ७ दिन चन्द्रमा की दशा। (३) मंगल १८ वर्ष ४ मास २७ दिन। (४) बुध १८ वर्ष ८ मास। (५) बृहस्पति २७ वर्ष २ मास २० दिन − २७ = २ मास २० दिन। (६) शुक्र १७ वर्ष ७ मास १७ दिन। (७) शनि ४५ वर्ष १० मास २० दिन − २७ = १८ वर्ष १० मास २० दिन शनि की दशा।
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