The person in whose nativity the lord of the 10th house is sheltered in Saturn's Navamsa lives by dealing in roots and fruits, by physical exertion (sweating labour), through servants, rogues and through the earnings of men of low morality, through bad grains, by carrying burden, by resorting to base avocations, through sculpture, wooden materials and by functioning as an executioner or a butcher.
शनि — यदि नवांशेश शनि हो तो मूल (जो वनस्पति पृथ्वी के अन्दर रहती है), फल, शारीरिक परिश्रम द्वारा, नौकरी द्वारा (स्वयं दूसरे की नौकरी करे, या स्वयं अन्य व्यक्तियों को नौकर रक्खे), दुष्टों द्वारा या नीच जनों के धन से धनी हो। जिस व्यक्ति को नीच आदमियों से थोड़ा-थोड़ा धन प्राप्त होता हो और इस थोड़े-थोड़े द्रव्य के संग्रह द्वारा वह धनी हो जाये, तो उसे नीच जनों से धनी होना कहेंगे। उदाहरण के लिये यदि कोई मजिस्ट्रेट मुलज़िमों से रिश्वत ले-लेकर धनी हुआ हो, या कोई सुपरिटेण्डेण्ट जेल कैदियों से रिश्वत ले-लेकर धनी हुआ हो — तो इन दोनों को ही नीच जनों के धन से धनी कहेंगे। शनि जब नवांशेश होता है तो कुधान्यों से (गेहूँ, चावल आदि उत्तम धान्य समझे जाते हैं और मोटे धान्यों को कुधान्य कहते हैं), कुत्सित (अन्याय, अधर्म, अनीति) — अर्थात् निन्दित मार्गों से धन दिलाता है। क़त्ल करने से जो धन प्राप्त हो, या रिश्वत से, या वेश्या के यहाँ दलाली करने से — यह सब निन्दित मार्ग समझे जाते हैं। शनि परिश्रम द्वारा धन दिलाता है — अनपढ़ आदमी हो तो ज़मीन खोदेगा, बोझा ढोयेगा, शिक्षित हो तो दिन-भर कुर्सी पर परिश्रम करावेगा। शनि लकड़ी का काम (लकड़ी की खरीद-फ़रोख़्त, फ़र्नीचर आदि) द्वारा भी धन दिलाता है।
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