The position of Dhuma is found by adding 4 signs, 13° 20' to the figures for the Sun. If you subtract Dhuma from 12 signs, the result will indicate the figures for Vyatipata. This increased by six signs becomes Parivesha or Paridhi. When Parivesha again is subtracted from 12 signs, we get Indra Chapa. Add to this 16° 40' and Ketu is obtained. Ketu increased by one sign will give the figures for the Sun.
धूम, व्यतीपात, परिवेष (परिधि), इन्द्रचाप, उपकेतु — सूर्य-स्पष्ट में ४ राशि १३ अंश २० कला जोड़ने से धूम-स्पष्ट निकलता है। यदि १२ राशियों में से धूम-स्पष्ट कम किया जाय तो व्यतीपात निकलता है। व्यतीपात में ६ राशि जोड़ने से परिधि (या परिवेष) निकलती है। यदि परिवेष को बारह राशियों में से घटाया जाय तो इन्द्रचाप निकलता है। इन्द्रचाप में १६ अंश ४० कला जोड़ने से उपकेतु निकलता है। उपकेतु में एक राशि जोड़ने से सूर्य-स्पष्ट आ जाता है। (उदाहरण: सूर्य ७-२६ → धूम ०-९-२० → व्यतीपात ११-२०-४० → परिवेष ५-२०-४० → इन्द्रचाप ६-९-२० → उपकेतु ६-२६-० → +१ राशि = सूर्य ७-२६-०।) इस उपकेतु का प्रसिद्ध केतु से कोई सम्बन्ध नहीं — यह केतु नामक स्वतन्त्र उपग्रह है।
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