Find what portion of the asterism occupied by the Moon has elapsed at birth. Reduce the same to Vighatikas. Divide this result by (1) 60 (2) 300 and (3) 100. The three resulting quotients are termed (1) Chandrakriya (2) Chandra-avasttha and (3) Chandravela respectively. Their effects are described below.
अब चन्द्रक्रिया, चन्द्र-अवस्था तथा चन्द्रवेला कैसे निकालना और उनका क्या फल है यह बताते हैं। जन्म-कुण्डली विचार, प्रश्न-कुण्डली विचार तथा मुहूर्त विचार — तीनों में चन्द्र-क्रिया, चन्द्र-अवस्था तथा चन्द्रवेला का विचार करें। चन्द्र-क्रिया कुल ६० होती हैं; चन्द्र-अवस्था १२; तथा चन्द्र-वेला ३६। यह देखिये कि किस नक्षत्र में जन्म है या प्रश्न या मुहूर्त के समय कौन-सा नक्षत्र है। जितने घड़ी और पल व्यतीत हो चुके हों, उनके पल बना लीजिये। (१) चन्द्रक्रिया — इन पलों में ६० का भाग दीजिये; जो भजनफल आवे उसका फल नीचे श्लोक १३-१५ में बताया है। (२) चन्द्र-अवस्था — गत नक्षत्र की पल बनाकर ३०० का भाग दीजिये; जो लब्धि आवे वह चन्द्र-अवस्था हुई। फल १६वें श्लोक में। (३) चन्द्रवेला — गत नक्षत्र की पल बनाकर १०० का भाग दीजिये; जो लब्धि आवे वह चन्द्रवेला हुई। फल १७-१९ श्लोकों में।
Ask the VedicPupil AI — trained on the complete classical corpus.