[OCR fragment unrecoverable] … he will be wandering, without a wife and suffer humiliation. If the Sun should be in the 8th house, the person born will lose his wealth, and friends; he will not be long-lived and will have defective eye-sight or be blind.
अगर सूर्य पंचम में हो तो सुख-हीन, धन-हीन, आयु-हीन और सुत-हीन हो। यह हमारा बहुत बार का देखा हुआ अनुभव है कि पंचम भाव का सूर्य ज्येष्ठ पुत्र का नाश करता है। किन्तु जातक बुद्धिमान् होता है और जंगल में घूमने का शौकीन होता है। यदि षष्ठ स्थान में हो तो मनुष्य राजा के समान श्रेष्ठ वैभव वाला, प्रसिद्ध, धनी, विजयी और गुणवान् होता है। यदि सूर्य सप्तम में हो तो कुतनु (खराब शरीर वाला — शरीर में कोई विकार हो)। ऐसा व्यक्ति राजविरुद्ध कार्य करता है अर्थात् सरकार का विरोध करता है। ऐसा मनुष्य व्यर्थ घूमता है और अपमान को प्राप्त होता है। सप्तम में सूर्य स्त्री-सुख को भी नष्ट करता है। यदि अष्टम में सूर्य हो तो धन नष्ट हो, आयु नष्ट हो (अल्पायु हो), उसके मित्र नष्ट हों (मित्र न रहें) और 'विगत-दृष्टि' हो अर्थात् नेत्रों की ज्योति मन्द पड़ जावे। हमने सैकड़ों कुण्डलियों में देखा है — अष्टम का सूर्य दक्षिण (दाहिने) नेत्र को बहुत बिगाड़ता है।
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