Jupiter in the 5th house at a birth makes the native suffer distress through sons. The person will be intelligent and will be a king's adviser. If Jupiter should occupy the 6th house at a birth, the person concerned will be very inactive, suffer disrespect, destroy his enemies, and clever in charms and exorcising. If Jupiter be in the 7th house, the person born will possess a good wife and sons. He will be very amiable, and more munificent than his father. If Jupiter be posited in the 8th house, the person born will be poor and earn his livelihood as a menial; he will be sinful but long-lived.
यदि पंचम में बृहस्पति हो तो मिश्रित फल है। जातक बुद्धिमान् और राजा का मन्त्री होता है, किन्तु पुत्रों के कारण क्लेश-युक्त भी होता है। पुत्र उत्पन्न न होना भी क्लेश है; पुत्र का अभाव भी पुत्र-क्लेश है; पुत्र उत्पन्न होने पर नष्ट हो जावें यह भी पुत्रों से क्लेश है; तथा पुत्रों के आचरण से, व्यवहार से क्लेश उठाना पड़े या मन को क्लेश हो यह भी पुत्रों से क्लेश हुआ। छठे में बृहस्पति हो तो शत्रुओं का नाश करने वाला, आलसी, स्वयं अपमान को प्राप्त होने वाला, किन्तु मन्त्राभिचार (मन्त्रों का अनुष्ठान) करने वाला तथा चतुर होता है। यदि सप्तम में बृहस्पति हो तो सत्पत्नीयोपेत (उत्तम स्त्री वाला), पुत्रवान्, सुन्दर, अपने पिता से अधिक उदार होता है। कुछ अन्य पुस्तकों में यह भी लिखा है कि जिसके सप्तम में बृहस्पति हो वह अपने पिता से श्रेष्ठ पदवी को प्राप्त हो। अष्टम में बृहस्पति का निकृष्ट फल है — ऐसा व्यक्ति दीन होता है और नौकरी से धनोपार्जन करता है। अष्टम में बृहस्पति वाला जघन्य-कर्म (निकृष्ट कर्म करने वाला), किन्तु दीर्घायु होता है।
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