All about the father's religious merit, auspicious works and his father should be sought for from the 9th house (from the Sun); his occupation from the 10th house; his gains or income from the 11th and his expenditure or loss from the 12th house (from the Sun). The effects of the 12 Bhavas counted from the Moon, Mars, etc. (for the mother, brother etc.) should be similarly deduced.
सूर्य-स्थित राशि अर्थात् सूर्य जिस राशि में हो उससे नवम से पिता का पुण्य, पिता का शुभ, पिता के पिता का विचार करना चाहिये। और सूर्य-स्थित राशि से दशम से पिता के व्यापार का विचार करना चाहिये। सूर्य-स्थित राशि से एकादश से पिता के लाभ का और सूर्य-स्थित राशि से द्वादश से पिता के क्षय (व्यय) का विचार करना चाहिये। जैसे सूर्य-स्थित राशि से विविध भावों से पिता के विविध भावों का विचार किया जाता है वैसे ही चन्द्र-स्थित राशि को लग्न मान कर मातृ सम्बन्धी विविध भावों का, मंगल-स्थित राशि को लग्न मान कर भात्र सम्बन्धी विविध भावों का विचार करना चाहिये। इसी प्रकार बुध आदि ग्रहों से उनसे सम्बन्धित रिश्तेदारों के बारहों भाव का विचार करें।
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