If out of the lords of the 5th and 9th, one of them happen to be related (vide XV-30 supra) to a strong planet owning a Kendra, he becomes a Yogakaraka, i.e., powerful in promoting the prosperity of the native.
दोनों त्रिकोण-स्वामियों में — यदि किसी का भी सम्बन्ध बली केन्द्रनाथ से हो तो यह सम्बन्ध राजयोग-कारक होता है। यहाँ यह भी बतलाना आवश्यक है कि 'बली' शब्द से क्या तात्पर्य है? एक अर्थ तो साधारण है ही — बली अर्थात् बलवान्। 'बली केन्द्रनाथ' का दूसरा पारिभाषिक अर्थ है — दशमेश; क्योंकि चारों केन्द्रेशों में वह सबसे बली माना जाता है। यह दूसरा अर्थ लेने से निष्कर्ष यह निकला कि पंचमेश या नवमेश — इन दोनों में से किसी का भी सम्बन्ध यदि दशमेश से हो तो योगकारक होता है। किन्तु अन्य लोग बली का अर्थ केवल बलवान् लेते हैं। इस मतानुसार यदि कोई भी केन्द्रेश बलवान है और किसी भी त्रिकोणेश से सम्बन्ध भी करता है तो राजयोग-कारक हुआ।
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