When a planet whose Dasa is in progress be weak, eclipsed by the Sun's rays, in depression or inimical house at birth, he will during his transit through any house cause the total destruction of that Bhava.
ऊपर श्लोक ३४ में यह बताया गया है कि यदि दशानाथ जन्म-कुण्डली में बलवान हो और गोचर में भी बलवान हो तो क्या शुभ फल देता है। अब यह बताते हैं कि यदि दशानाथ जन्म-कुण्डली में भी निर्बल हो और गोचर में भी निर्बल हो तो क्या अशुभ फल करता है। जिस ग्रह की महादशा जा रही है वह यदि जन्म-कुण्डली में बलहीन हो और गोचर के समय अपनी नीच राशि या अपनी शत्रु-राशि में जा रहा हो, या जब वह सूर्य के पास होने से अस्त हो — उस समय वह गोचरवश लग्न से जिस भाव में होता है उस भाव सम्बन्धी अशुभ फल करता है। मान लीजिये कन्या लग्न है, शनि अष्टम में, नीच राशि में होने से यह निर्बल है, और मान लीजिये शनि की महादशा है तथा शनि गोचरवश सिंह राशि में जा रहा है — सूर्य शनि का शत्रु है, इस कारण जब शनि सिंह राशि में जायेगा तब लग्न से बारहवें घर में होने के कारण १२वें भाव-सम्बन्धी अशुभ फल दिखायेगा।
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