Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 11 · · Verse 47
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

मीन और कुम्भ को छोड़ अन्य लग्न, अथवा चन्द्रमा वर्गोत्तम नवांश में हो तो यात्रा वाड्छित वस्तु देनेवाली होती है। यदि नाव में यात्रा करना हो तो जलचर लग्न में याजलचर राशि के नवांश में यात्रा करे।सब काम सिद्ध होते हैं।। ४६ ॥। सम्मुख तथा पृष्ठ गत लग्न दिग्दारभे लग्नगते प्रशस्ता यात्राथंदात्री जयकारिणो च। हानि बिनाशं रिपुतो भय॑ च कुर्यात्तथा दिक्‌प्रतिलोमलग्ने ॥ ४७॥

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