Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 11 · · Verse 27
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

अन्वयः--सूर्यभतः शशाडूभं अन्न गण्यं [तत्‌] पक्षादितिथ्या दिनवासरेण युत नवाप्त॑ चेत नगशेषक तदा हिम्बरं स्यात्‌ तत्‌ गमने अतिशस्त स्थात्‌ ॥ २६॥ सूर्य के नक्षत्र सेचन्द्रमा के नक्षत्र प्यन्‍्त जितनी संख्या हो, उसमें शुक्ल या कृष्ण पक्ष की वत्तमान तिथि की संख्या जोड़कर नव का भाग देने सेयदि सात शेष रहें तो हिम्बरयोग होता है यह यात्रा में अति शुभ होता है ॥| २६॥। घातचन्द्र योग भपषच्चाडूद्च ड्भरदिग्वह्निसप्तवेदाष्टेशार्काइच घाताल्यचन्द्र: । मेषादीनां राजसेवाविवादे यात्रायुद्धाओ चर नान्‍्यत्र वज्यंः॥ २७॥

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