Muhūrta Cintāmaṇi
Chapter 11 · · Verse 26
Sanskrit · DevanāgarīMuhūrta Cintāmaṇi manuscript tradition
Translations
Hindi

सूर्य के नक्षत्र से चन्द्रमा के नक्षत्र तक गिने । जितनी संख्या हो उसमें १७७ यात्राप्रकरण सात का भाग दे । यदि दो अथवा सात शेष रहें तो महाडल दोष होता है, और यदि तीन अथवा छः: शेष रहें तो भ्रमण दोष होता है । ये दोनों दोष यात्रा में निषिद्ध हैं ॥।२५॥। हिम्बराख्य योग शशाडूःभ॑ सूर्यभतो5त्र गण्यं पक्षादितिथ्या दिनवासरेण । युतं नवाप्तं नगशेषक चेत्स्याद्धिम्बरं तद्गमनेइतिशस्तम्‌ ॥ २६॥

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